स्मृति-भित्ति
विद्यार्थियों की स्मृतियाँ
चार दशकों से अधिक उन्होंने राजस्थान के महाविद्यालयों में पढ़ाया, और उनकी पुस्तकें पूरे भारत के विद्यार्थियों तक पहुँचीं। यहाँ वे उन्हें अपने शब्दों में याद करते हैं।
यह भित्ति अपनी पहली स्मृतियों की प्रतीक्षा में है
क्या आप उनके विद्यार्थी रहे हैं, या उनकी पुस्तकों से आपकी तैयारी हुई? पहली स्मृति आपकी हो सकती है।
अपनी स्मृति साझा करेंस्मृतियाँ उन्हीं लोगों द्वारा साझा की गई हैं जिनका नाम दिया है, और प्रकाशित होने से पहले परिवार उन्हें पढ़ता है।