उनके चैनल से

खुशी का चक्र, भाग 2

मुख्य बातें

  • एक ही काम अलग लगता है, इस पर निर्भर कि आप उसमें कितना डूबते हैं।
  • केवल परिणाम (अंक, वेतन, चयन) सोचने से न रस आता है, न परिणाम।
  • हर काम की प्रतिष्ठा है; अपनी प्रतिष्ठा आप स्वयं बनाते हैं।
  • अपनी शक्ति को उस काम की ओर मोड़िए जो आप कर रहे हैं।
  • सहयोग और करुणा से खुशी का चक्र पूरा होता है।