उनके चैनल से
खुशी का चक्र, भाग 3
मुख्य बातें
- सुख भौतिक है, खुशी आंतरिक।
- चिंता मन को सिकोड़ देती है; “चिंता चिता के समान है।”
- घाव न कुरेदें, अपमान को वर्षों तक मन में न रखें।
- चिंता की समय-रेखा खींचें और उसे मन के एक खाने में रखें।
- नींबू से शरबत बनाइए; अपनी समस्या साझा कीजिए।
- चिंता पर ‘स्टॉप लॉस’ लगाइए।